मच्छरों की विधवाएँ

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नौकर आलस में पड़ा रहा। थोड़ी देर बाद भी मच्छर गुनगुना रहे थे। मालिक ने नौकर से पूछा – मच्छर मारे नहीं क्या?

नौकर ने जवाब दिया – मच्छरों को तो कब का मार दिया। ये तो उनकी विधवा पत्नियों की रोने की आवाज़ें हैं! 🙂

 

(ये चुटकुले सुने-सुनाये या सोशल मीडिया पर प्रचलित हो सकते हैं। इनका उद्देश्य शुद्ध रूप से हास्य-व्यंग्य है।)