Monday, January 24, 2022
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भारतीय राजनीति की ड्रामा क्विन

अखिलेश शर्मा, वरिष्ठ संपादक (राजनीतिक), एनडीटीवी :

जिस वक्त अरविंद केजरीवाल बतौर दिल्ली के मुख्यमंत्री रेल भवन पर धरने पर बैठे थे. तब मेरा वहां से गुजरना हुआ।

केजरीवाल (Kejriwal) ने क्यों किया सरकार का बलिदान

राजीव रंजन झा (Rajeev Ranjan Jha)

हाँ, मुझे यकीन नहीं था कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को झोली भर कर इतनी सीटें दे देगी। लेकिन मैंने यह भी नहीं सोचा था कि केजरीवाल बिल्ली के भाग से छींका टूटे वाली शैली में अपनी झोली में आ गिरे इस अवसर को यूँ गँवा देंगे।

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