उदयपुर की घटना : आतंकी हत्या पर सेक्युलरों ने सभी धर्मों को क्यों लपेटा?

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मो. गौस और रियाज
मोहम्मद गौस और रियाज के वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

उदयपुर में हुई जिहादी घटना ने जैसे सारा विमर्श ही मात्र एक विषय पर लाकर रख दिया है, और वह है कट्टरपंथी इस्लामिक जिहाद। लोगों ने विरोध किया। जो हिंदू स्तब्ध रह गये थे, वे खुल कर इस मानसिकता के विरोध में आये और बिना किसी किंतु-परंतु के विरोध किया, अपने विचार रखे। इनमें कई […]

उदयपुर में हुई जिहादी घटना ने जैसे सारा विमर्श ही मात्र एक विषय पर लाकर रख दिया है, और वह है कट्टरपंथी इस्लामिक जिहाद। लोगों ने विरोध किया। जो हिंदू स्तब्ध रह गये थे, वे खुल कर इस मानसिकता के विरोध में आये और बिना किसी किंतु-परंतु के विरोध किया, अपने विचार रखे। इनमें कई सेलेब्रिटी भी रहे, जिन्होंने इस घटना की गंभीरता को समझ कर अपने विचार व्यक्त किये।

यह साधारण हत्या नहीं थी, यह आतंकी और जिहादी हमला था। उदयपुर में दर्जी कन्हैया कुमार की ह्त्या एक सामान्य आपराधिक घटना नहीं थी। यह आईएसआईएस और अलकायदा जैसी पद्धति के प्रयोग से की गयी जघन्य हत्या थी। यह जिहाद की ओर बढ़ता हुआ एक और कदम था, जिसमें यह उद्घोषणा है कि जो भी उनके अनुसार नहीं चलेगा, उसे मरना ही होगा। यह उस शरिया की ओर बढ़ता हुआ कदम था, जिसमें कुछ लोगों को काफिर मानने का सिद्धांत है।

जिसने यह सब समझा, उसने उदयपुर की घटना की आलोचना की और कहा कि अब सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसा नहीं है कि केवल कन्हैया लाल की ही हत्या हुई है। इससे कुछ दिन पहले ही एक और हत्या हुई थी, और चूँकि उसका वीडियो वायरल नहीं हुआ था तो उनकी यह जिहादी हत्या दब कर रह गयी थी। इस्लामिक खून-खराबे ने महाराष्ट्र में एक मेडिकल प्रोफेशनल की हत्या कर दी थी।

मगर यह हत्या क्यों की गयी थी? दरअसल हत्या का कारण वही था, जो कन्हैया लाल की हत्या का था! कथित रूप से उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाली पोस्ट साझा कर दी थी। अमरावती के उमेश कोल्हे की अमित वेटरनरी नाम से दवाइयों की दुकान थी। उन पर चार आरोपियों ने हमला किया – अब्दुल, शोएब, मुदस्सिर और शाहरुख! उन चारों ने केवल अपने अपराध को कुबूल ही नहीं किया, बल्कि यह भी कहा कि उन्होंने उमेश कोल्हे का पीछा ही नहीं किया था, बल्कि उनकी दैनिक गतिविधियों पर नजर बनाये रखी थी। उमेश को चाकू से गोद कर उनकी हत्या कर दी गयी।

इस लेख को लिखते समय तक एक और हिंदू युवक इसी जिहाद का शिकार हो कर जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहा है। इस बार इस जिहादी हमले का शिकार बना है हरियाणा के पलवल का विक्की अर्थात् मुनीश भारद्वाज! विक्की की छाती पर चाकू से वार किया गया। अभी विक्की की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

कन्हैया लाल वाले मामले पर बॉलीवुड से जैसी आवाजें आने की संभावनाएँ थीं, वैसे ही आयीं। जैसे कंगना रनावत ने जहाँ हिंसा की निंदा की तो वहीं गौहर खान ने इस घटना में सभी धर्मों को घसीट लिया। रणवीर शौरी ने इस विषय में सबसे सटीक टिप्पणी की और लिखा कि मैं यही कहूँगा कि यह उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है, जो भारत में इस्लाम के अनुयाइयों को पीड़ित बताते हैं और उन्हें आत्ममंथन करने से रोकते हैं और कट्टरपंथ एवं चरमपंथ की समस्या का हल खोजने से रोकते हैं। मगर आप उसे नहीं जगा सकते हैं, जो सोने का बहाना कर रहा है!

यही बात सत्य है कि उन्हें नहीं जगाया जा सकता है, जो सोने का बहाना कर रहे हैं, और यह बहाना पूरी सेक्युलर जमात कर रही है – फिर चाहे राहुल गांधी हों, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव जैसे नेता हों, विनोद कापड़ी जैसे पत्रकार हों या फिर गौहर खान जैसी कथित कलाकार या फिर वामपंथी लेखक वर्ग!

(देश मंथन, 1 जुलाई 2022)

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