Tuesday, May 24, 2022
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क्या बाबा रामदेव को पता नहीं था कि कोरोनिल पर बखेड़ा होगा?

राजीव रंजन झा : 

यदि बाबा रामदेव अपनी दवा का नाम कोरोना के आधार पर कोरोनिल रखने के बदले कुछ अलग रखते, इसे कोरोना की दवा कहने के बदले रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा (इम्युनिटी बूस्टर) कहते, तो इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा नहीं हुआ होता। दवा तो उनकी तब भी बिक जाती। आज के माहौल में सुपरहिट ही रहती।

कोरोना की दवा का बाबा रामदेव का दावा और फेसबुकीय योद्धाओं के प्रमाण-पत्र

राजीव रंजन झा : 

एक दवा है एचसीक्यूएस। मलेरिया के इलाज में काम आती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोल दिया कि इससे कोरोना के मरीज ठीक हो रहे हैं। भाई लोगों ने पक्ष-विपक्ष दोनों में मोर्चा खोल दिया। 

चीन से लड़ने को ललकारती आवाजों का असली मतलब क्या है?

राजीव रंजन झा : 

चीन से लड़ लोगे क्या? लड़ पाओगे क्या? बहुत ताकतवर है हमसे। 

दरअसल 1962 की हार के बाद यह भारतीय मानस में बैठ गया है कि हम पाकिस्तान को तो कभी धूल चटा सकते हैं, लेकिन चीन से पार पाना संभव नहीं है।

सावधान! गिद्धों ने नया रोहित वेमुला खोजना शुरू कर दिया है

राजीव रंजन झा : 

इस देश में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद और मार-पीट होना, हत्या तक हो जाना कोई नयी बात नहीं है। लेकिन ऐसी किसी घटना को सनसनीखेज बनाने के लिए मीडिया इसमें जाति का कोण ढूँढ़े, राजनीतिक एजेंडाबाज इसमें एक नया रोहित वेमुला या भारत का जॉर्ज फ्लॉइड तलाशने लगें, तो उन्हें गिद्ध कहना क्या किसी तरीके से गलत होगा?

तबलीगी जमात पर गर्व करें, उन्हें सलाम करें

राजीव रंजन झा : 

कनिका कपूर याद है? इसलिए पूछ रहा कि जनता की याददाश्त बहुत छोटी होने की बात कही जाती है। 

लेकिन ताजा बात है, तो कुछ-कुछ याद होगा ही। गायिका कनिका कपूर। बेबी डॉल वाली!

क्या 14 अप्रैल के बाद खत्म हो जायेगा लॉकडाउन

राजीव रंजन झा : 

कल अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू के ट्वीट हवाले से खबर चल गयी कि लॉकडाउन 15 अप्रैल को खत्म हो जायेगा। फिर यह ट्वीट हटा ली गयी।

कोरोना वायरस की महामारी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू

मेरे प्रिय देशवासियों,

पूरा विश्व इस समय संकट के बहुत बड़े गंभीर दौर से गुजर रहा है। आम तौर पर कभी जब कोई प्राकृतिक संकट आता है तो वह कुछ देशों या राज्यों तक ही सीमित रहता है। लेकिन इस बार ये संकट ऐसा है, जिसने विश्व भर में पूरी मानव जाति को संकट में डाल दिया है।

भारत अमेरिका व्यापार समझौते के लिए अभी और बातचीत की जरूरत

अतुल कौशिक

वैश्विक व्यापार विशेषज्ञ  

भारत और अमेरिका के बीच संबंधों के ऐसे तीन पहलू हैं, जिन पर डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे का प्रभाव होने वाला है। पहला तो रणनीतिक पहलू है। इसमें द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक – तीनों तरह की बातें हैं। इन रणनीतिक पहलुओं पर ट्रंप की इस यात्रा की तैयारी के चरण में काफी प्रगति हुई है। लिहाजा इस संबंध में काफी सकारात्मक असर रह सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप लालायित हैं भारतीयों के समर्थन के लिए

राजीव रंजन झा : 

नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती तस्वीरों के लिए अच्छी है। मोदी और बराक ओबामा की दोस्ती भी तस्वीरों के लिए बहुत अच्छी थी। और तस्वीरें तो मोदी के साथ शी जिनपिंग की भी बहुत अच्छी थीं।

कांग्रेस मुख-पत्र ने तो हद कर दी, सीधी अवमानना सर्वोच्च न्यायालय की

राजीव रंजन झा : 

श्रीराम जन्मभूमि विवाद पर इस देश में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पहले वैसे तो सबने कसमें खायीं कि जो भी अदालत का फैसला होगा, उसे ही मानेंगे। लेकिन फैसला सामने आने के कुछ लोगों ने इसमें मीन-मेख निकालना भी शुरू कर दिया है।  

राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता का सवाल

राजीव रंजन झा

राहुल गांधी पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे हैं। इस नाते वे स्वाभाविक रूप से भारत के ही नागरिक हुए। वे सोनिया गांधी के बेटे हैं। उनके जन्म के समय सोनिया गांधी इटली की नागरिक थीं। इस नाते इटली के कानूनों के अनुसार राहुल गांधी अपने-आप ही इटली की नागरिकता के पात्र बन जाते हैं। 

सुशासन बाबू की छत्रछाया में जंगलराज

संदीप त्रिपाठी

सुशासन बाबू की छत्रछाया में बिहार में जंगलराज रिटर्न की शूटिंग चल रही है। महज बीते दो दिन यानी 20 अगस्त और 21 अगस्त, 2018 की घटनाओं पर नजर डालें तो यह स्पष्ट हो जाता है। आरा (भोजपुर) के बिहिया क्षेत्र में सोमवार को एक युवक की हत्या के शक में भीड़ एक महिला को निर्वस्त्र कर एक घंटे चौराहे पर घुमाती है और इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है।

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किसानों की आमदनी दोगुनी करने में कितना योगदान कर सकेगा बजट 2022?

क्या किसान की आमदनी 100 से बढ़ा कर 200 रुपये करने के लिए उपभोक्ता का खर्च 400 से बढ़ा कर 800 रुपये किया जाना ऐसा विकल्प है, जिसे लोग पसंद करेंगे? क्या आप तैयार हैं कि जो आटा 40 रुपये किलो खरीदते हैं, उसे 80 रुपये में खरीदने लगें और जो दाल 100 रुपये किलो खरीद रहे हैं, उसे 200 रुपये में खरीदने लगें? क्या किसानों की आमदनी दोगुनी करने का मतलब यह है कि खाद्य महँगाई भी दोगुनी हो जायेगी?

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