धुआँ-धुआँ बॉलीवुड एक दिन धुएँ में खो जायेगा

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आर्यन खान

यह पूरा देश देख रहा है कि कैसे एक नशेड़ी को बचाने के लिए उसे बच्चा घोषित करने की होड़ लगी हुई है। क्या एक 24 साल का युवक बच्चा हो सकता है? क्या कारण है कि बॉलीवुड हमेशा ही उन लोगों के पक्ष में आ जाता है, जो आपराधिक कृत्य करते हैं।

बॉलीवुड की गंदगी वैसे तो समय-समय पर बाहर आती रहती है। परंतु अबकी बार यह गंदगी कुछ अधिक ही चमकदार घर से बाहर आयी है, और यह घर है बॉलीवुड के सुपर स्टार शाहरुख खान का। शाहरुख खान, जिनके प्रशंसक भारत से कहीं अधिक पड़ोसी पाकिस्तान में हैं। और चूँकि शाहरुख का मजहब उनका सबसे बड़ा यूएसपी है, इसलिए शाहरुख खान के पक्ष में जो तर्क आये, वे मजहब के आधार पर भेदभाव आदि के आधार पर अधिक आये और इसमें देश के कुछ राजनीतिक दल भी शामिल रहे।
परंतु यह पूरा देश देख रहा है कि कैसे एक नशेड़ी को बचाने के लिए उसे बच्चा घोषित करने की होड़ लगी हुई है। क्या एक 24 साल का युवक बच्चा हो सकता है? इस बात को पचाया ही नहीं जा सकता है। फिर ऐसा क्या कारण है कि सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमय मृत्यु के उपरांत मौन रहने वाला बॉलीवुड शाहरुख खान के समर्थन में आ गया है? क्या कारण है?
क्या कारण है कि बॉलीवुड हमेशा ही उन लोगों के पक्ष में आ जाता है, जो आपराधिक कृत्य करते हैं। संजय दत्त के मामले में यह देखा जा चुका है और सभी ने लगभग इस बात का नंगा नाच देखा कि कैसे बॉलीवुड संजय दत्त के पक्ष में जाकर खड़ा हो गया। क्या बॉलीवुड का कोई भी उत्तरदायित्व उस वर्ग के लिए नहीं है, जो उसकी फालतू फिल्मों पर अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करता है?
संजय दत्त और सलमान खान तो कुछ बीते हुए मामले हैं। पर जो बात हाल ही में लोगों को परेशान करती रही है, वह है सुशांत सिंह राजपूत की असमय और रहस्यमय मृत्यु पर बॉलीवुड की चुप्पी और पोर्न फिल्में बनाने के आरोप में पकड़े गये राज कुंद्रा के समर्थन में बॉलीवुड का आना। यह सही है कि वे शिल्पा शेट्टी के समर्थन में आये, परंतु क्या शिल्पा शेट्टी को यह नहीं पता था कि उसका पति क्या करता है?
जैसे क्या अभी शाहरुख खान को यह नहीं पता था कि उसका बेटा क्या करता होगा? सभी को पता होगा! और शाहरुख खान तो खुलेआम यह इच्छा जाहिर कर ही चुके हैं कि उनका बेटा वह सभी काम करे जो उन्होंने पैसे की कमी के कारण नहीं किया, जैसे सेक्स करना और ड्रग्स लेना आदि। वे दिन हवा हुए जब बॉलीवुड में संदेशपरक फ़िल्में बना करती थीं, अभी तो केवल नशाखोरी दिखाने और हिंदू धर्म एवं परिवार नाम की संस्था के विरोध में ही फिल्में बन रही हैं।
यही कारण है कि जनता का मन बॉलीवुड के प्रति गुस्से से भरा है और जिस प्रकार से ऋतिक रोशन से लेकर पूजा भट्ट तक तमाम लोग शाहरुख खान के समर्थन में आ रहे हैं, उससे जनता के इस क्रोध का विस्तार ही हो रहा है। एक ओर सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के समय का बॉलीवुड है तो दूसरी ओर आर्यन खान का समर्थन करने वाला बॉलीवुड। यह स्पष्ट दिख रहा है कि इन लोगों के लिए प्राथमिकताएँ क्या हैं?
एक साधारण घर का प्रतिभाशाली युवक बॉलीवुड को स्वीकार्य नहीं है, उसकी सफलता कुछ परिवारों के हाथों में सिमटे हुए बॉलीवुड को बर्दाश्त नहीं है, और वहीं हिंदी फिल्मों के माध्यम से हिंदुओं का परिवार तोड़ने वाले “खान” अभिनेताओं के नशेड़ी युवा बेटों को मासूम बताया जा रहा है।
जनता सब देख रही है और यह निश्चित है कि इन सब हरकतों का बहुत ही नकारात्मक संदेश जा रहा है। इसका परिणाम इस जहरीले, नशीले और सेक्स परोसने वाले बॉलीवुड को अवश्य ही भुगतना होगा। जनता अब बॉलीवुड को भी बख्शने के मूड में नहीं हैं! बॉलीवुड की इस निर्लज्जता को देख कर जनता भी उसे धुआँ-धुआँ करेगी, ऐसा ही प्रतीत होता है!
(देश मंथन, 9 अक्टूबर 2021)

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