Tuesday, May 24, 2022
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मानवेंद्र की बगावत से मारवाड़ की 43 सीटों पर भाजपा मुश्किल में

संदीप त्रिपाठी भाजपा के शिखर पुरुष माने जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में संकटमोचक हनुमान रहे और भाजपा के संस्थापक सदस्य जसवंत...

छत्तीसगढ़ में जोगी बनेंगे किस्मत के कुमारस्वामी!

संदीप त्रिपाठी

आमतौर पर दो प्रमुख दलों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच चुनावी घमासान की रणभूमि रहे छत्तीसगढ़ में इस बार परिदृश्य बदला सा नजर आ रहा है। इस बार एक तीसरी राजनीतिक शक्ति पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) इस चुनावी समर को तीसरा कोण देती नजर आ रही है।

बिहार से अलग नतीजे क्यों रहे उत्तर प्रदेश चुनाव के?

राजीव रंजन झा : 

उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों में प्रचार, मतदान और मतगणना तक के समूचे दौर में लोगों को बार-बार बिहार चुनाव भी याद आता रहा। 

तो उत्तर प्रदेश चुनाव में समाजवादी पार्टी लाई कब्रिस्तान?

अभिरंजन कुमार, वरिष्ठ पत्रकार :

जब मैंने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि ‘चुनाव के उत्सव में कब्रिस्तान और श्मशान कहाँ से ले आए मोदी जी?’, इसके बाद मेरे पास तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं। जो प्रतिक्रियाएं मेरे सवाल के साथ सहमति में आईं, उन्हें सामने रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनकी बात तो मैं कह ही चुका हूँ, लेकिन जो प्रतिक्रियाएं असहमति में आईं हैं, उन्हें स्पेस देना भी जरूरी लग रहा है।

कब्रिस्तान और श्मशान पर क्या कहा मोदी ने

उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार करते हुए फतेहपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कब्रिस्तान और श्मशान को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की, जिसकी विरोधियों ने जम कर आलोचना की है।

उत्तर प्रदेश चुनाव : हार-जीत के बाद क्या?

हरिशंकर राय, सह-प्राध्यापक : 

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के परिणाम से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली है।  

कानपुर में कौन था विराट कोहली का सलाहकार

कानपुर में भारतीय क्रिकेट टीम को मिली हार कैसे जुड़ती है विधानसभा चुनाव से, यह बताया है वरिष्ठ व्यंग्यकार आलोक पुराणिक ने।

यूपी में बिना गठबंधन किसे मिली जीत

यूपी में बिना गठबंधन किये मिली एक जीत पर वरिष्ठ व्यंग्यकार आलोक पुराणिक की चुटकी।

भाजपा के राज-परिवार और शहजादे!

[caption id="attachment_8744" align="alignnone" width=""]गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उनके पुत्र पंकज सिंह[/caption]

राजीव रंजन झा : 

भारतीय जनता पार्टी अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी दल कांग्रेस को सबसे ज्यादा इसी बात पर चिढ़ाती है कि उसमें एक राज-परिवार है, एक रानी हैं, एक युवराज हैं और पूरी कांग्रेस इस परिवार से बाहर कुछ देख ही नहीं सकती। 

क्या चुनाव लड़ने आ गया गब्बर!

यहाँ से 50-50 कोस तक जब कोई चुनाव होता है... 

अखिलेश ने कैसे मनाया राहुल को

अखिलेश ने राहुल को कहा - जो मिल रहा है उतने में मान जा, वरना... 

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द कश्मीर फाइल्स : विवेक अग्निहोत्री ने उठा दी झूठ की दुकान

विवेक अग्निहोत्री की सफलता यही है कि उन्होंने विमर्श की दिशा मोड़ दी। उन्होंने बस दर्द को जस-का-तस परोस दिया, जो इतने वर्षों से झेलम नदी में कश्मीरियत की हरी काई के नीचे दबा था और अब वह दर्द बह कर नीचे उस मैदान में आ गया है, जहाँ तक आने से लिबरल जमात उसे रोक रही थी!

किसानों की आमदनी दोगुनी करने में कितना योगदान कर सकेगा बजट 2022?

क्या किसान की आमदनी 100 से बढ़ा कर 200 रुपये करने के लिए उपभोक्ता का खर्च 400 से बढ़ा कर 800 रुपये किया जाना ऐसा विकल्प है, जिसे लोग पसंद करेंगे? क्या आप तैयार हैं कि जो आटा 40 रुपये किलो खरीदते हैं, उसे 80 रुपये में खरीदने लगें और जो दाल 100 रुपये किलो खरीद रहे हैं, उसे 200 रुपये में खरीदने लगें? क्या किसानों की आमदनी दोगुनी करने का मतलब यह है कि खाद्य महँगाई भी दोगुनी हो जायेगी?

आरएसएस पर नेहरू का वह अभियान, जिसे मोदी ने पलट दिया

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एक दलित को निहंगों द्वारा मारे जाने पर सभी मौन बैठे हैं। वे विरोध नहीं कर रहे, सड़कों पर नहीं निकल रहे और न ही लखीमपुर खीरी जैसी बहसें कर रहे हैं। सिंघु बॉर्डर पर हत्या भी है और उसमें दलित भी है। और इतना ही नहीं, उसमें निर्ममता की पराकाष्ठा है।
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