Saturday, July 24, 2021

Sam

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देश मंथन समाचारों और विचारों का एक पोर्टल है, जिसका प्रकाशन दिल्ली-स्थित नारदवाणी संचार माध्यम प्रा. लि. कर रही है।  देश...

हिंदुत्व में अनुभव व तप का अनादर!

डॉ वेद प्रताप वैदिक, राजनीतिक विश्लेषक :

भाजपा के असली निर्णायक मंडल से अटलबिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का निष्कासन किस बात का सूचक है? भाजपा के कार्यकर्ता और आम जनता दोनों ही असमंजस में हैं।

बीजेपी के बुजुर्ग नेताओं की चुनौती

श्रीकांत प्रत्यूष, संपादक, प्रत्यूष नवबिहार :

प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनने के बावजूद बीजेपी के अन्दर परिवर्तन का दौर थमा नहीं है। वैसे पार्टी स्तर पर इस तरह के परिवर्तन की शुरुआत तो नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राष्ट्रीय राजनीति में दखल के साथ ही शुरू हो गयी थी, जो अब उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद साफ दिखने लगी है।

इस हार का मतलब क्या है?

डॉ वेद प्रताप वैदिक, राजनीतिक विश्लेषक :

चार राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा की वैसी दुर्गति तो नहीं हुई, जैसी उत्तराखंड में हुई थी याने कोई राज्य ऐसा नहीं है, जहाँ भाजपा या उसकी सहयोगी पार्टी जीती न हो।

दुर्गयाणा मंदिर में नन्हे लंगूर

विद्युत प्रकाश :

(पहियों पर जिंदगी 21 ) 

18 अक्तूबर 1993 - रात्रि एक बजे हमारी ट्रेन अमृतसर रेलवे स्टेशन पहुँच चुकी थी। सुब्बराव जी के स्वागत में रेलवे के डीआरएम और अन्य अधिकारी पहुँचे।

मुख्यमंत्रियों की मान-रक्षा

डॉ वेद प्रताप वैदिक, राजनीतिक विश्लेषक :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी कार्यक्रमों में आजकल बड़ा मजेदार नजारा देखने को मिलता है। वह चाहे जहाँ जाये, चाहे हरियाणा, महाराष्ट्र या झारखंड वहाँ के मुख्यमंत्रियों को तो शामिल होना ही पड़ता है।

उपहार में मिला स्वेटर

विद्युत प्रकाश : 

(पहियों पर जिंदगी 17) 

15 अक्तूबर 1993 – सुबह हमारी सदभावना साइकिल रैली लुधियाना के विभिन्न बाजारों से होती हुई मल्टी परपस विद्यालय पहुँची। दोपहर का कार्यक्रम यहीं हुआ।

कश्मीर पर प्रचारक का हठ या नेहरू से आगे मोदी की नीति?

पुण्य प्रसून बाजपेयी, कार्यकारी संपादक, आजतक :

वक्त बदल चुका है। वाजपेयी के दौर में 22 जनवरी 2004 को दिल्ली के नॉर्थब्लाक तक हुर्रियत नेता पहुँचे थे और डिप्टी पीएम लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की थी। मनमोहन सिंह के दौर में हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान जाने का वीजा दिया गया और अमन सेतु से उरी के रास्ते मुजफ्फराबाद के लिए अलगाववादी निकल पड़े थे।

भारत का मैनेचेस्टर लुधियाना

विद्युत प्रकाश :

(पहियों पर जिंदगी 16) 

14 अक्तूबर 1993 – लुधियाना। मंडी गोबिंदगढ़ से ट्रेन रात को 10 बजे चल पड़ी। थोड़ी देर में पंजाब का सबसे बड़ा शहर लुधियाना आ गया।

नियंत्रण रेखा पर छह दिन : आँखों-देखी

विवेक कुमार भट्ट, चैनल प्रमुख, संदेश :

नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर 40 आतंकवादी जम्मू कश्मीर में घुसे... पिछले कुछ दिनों मे 50 बार गोलीबारी हुई है, 20 जवान घायल हुए हैं और 4 जवानों ने जान गँवायी है।

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