Tuesday, January 26, 2021

Ritu Tomar

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उन्हें भारत से नफरत क्यों है?

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय :

यह समझना मुश्किल है कि संस्कृत का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से क्या लेना-देना है, किंतु संस्कृत का विरोध इसी नाम पर हो रहा है कि संघ परिवार उसे कुछ लोगों पर थोपना चाहता है।

सामाजिक न्याय की ताकतों की लीलाभूमि पर आखिरी जंग

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय : 

मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में पुराने जनता दल के साथियों का साथ आना बताता है कि भारतीय राजनीति किस तरह ‘मोदी इफेक्ट’ से मुकाबिल है।

ओय गुइयाँ, फिर जनता-जनता!

क़मर वहीद नक़वी, वरिष्ठ पत्रकार :

क्या करें? मजबूरी है! अभी ताजा मजबूरी का नाम मोदी है! यह जनता खेल तभी शुरू होता है, जब मजबूरी हो या कुर्सी लपकने का कोई मौका हो! इधर मजबूरी गयी, उधर पार्टी गयी पानी में!

चाय केतली तक अच्छी है मोदी जी

दीपक शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार : 

कोई पार्टी अपने परंपरागत वोट बैंक के जरिये कभी सत्ता में नही आती। अगर ऐसा होता तो यूपी में भाजपा को कभी 11, कभी 20 और कभी 73 सीटें नहीं मिलतीं। सपा हमेशा जीतती और बसपा का सूपड़ा कभी साफ नही होता।

हम सब तोते हैं – रंजीत सिन्हा

डॉ. मुकेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक : 

सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा के निवास पर मुलाकातियों वाले रजिस्टर में आपको मेरा नाम नहीं मिलेगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्होंने दो रजिस्टरों वाली व्यवस्था खत्म कर दी है।

माइक्रोमैक्स (Micromax) : बोल्ट एडी 4500 (Bolt AD 4500) स्मार्टफोन बाजार में

माइक्रोमैक्स (Micromax) ने बोल्ट (Bolt) सीरीज में एंड्रॉयड स्मार्टफोन पेश किया है। 

क्या हो पायेगा ‘आप’ का पुनर्जन्म?

क़मर वहीद नक़वी, वरिष्ठ पत्रकार :

तो क्या ‘आप’ का पुनर्जन्म हो सकता है? दिल्ली में चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है, ‘आप’ का क्या होगा? केजरीवाल या मोदी? दिल्ली किसका वरण करेगी?

हार्ले डेविडसन (Harley Davidson) ने नयी मोटरसाइकिलें बाजार में उतारी

मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी हार्ले डेविडसन (Harley Davidson) ने भारतीय बाजार में तीन नयी मोटरसाइकिलें उतारी हैं।

काले धन का टेंटुआ कोई क्यों पकड़े?

क़मर वहीद नक़वी, वरिष्ठ पत्रकार :

सुना है, सरकार काला धन ढूँढ रही है। उम्मीद रखिए! एक न एक दिन काला धन आ कर रहेगा! अगर कहीं मिल जायेगा, तो जरूर आ जायेगा! न मिला तो सरकार क्या कर सकती है?

अबकी बार, क्या क्षेत्रीय दल होंगे साफ?

क़मर वहीद नक़वी, वरिष्ठ पत्रकार :

राजनीति से इतिहास बनता है! लेकिन जरूरी नहीं कि इतिहास से राजनीति बने! हालाँकि इतिहास अक्सर अपने आपको राजनीति में दोहराता है या दोहराये जाने की संभावनाएँ प्रस्तुत करता रहता है!

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Rajeev Ranjan Jha
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