Friday, May 7, 2021

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रोहित सरदाना की मृत्यु पर कबीलाई अट्टाहास

कल से लेकर आज तक सोशल मीडिया पर रोहित सरदाना ही छाए हुए हैं। बहुत ही कम ऐसा होता है कि कोई पत्रकार मृत्यु के बाद भी लोगों के दिमाग में छाया रहे। और न केवल पक्ष में बल्कि विपक्ष में भी लोग आकर बातें करें। आम जनता इस बात से हैरान है कि आखिर रोहित सरदाना से एक वर्ग विशेष को इतनी घृणा क्यों है?

बिहार चुनाव में क्या फिर पलटी मारेंगे उपेंद्र कुशवाहा?

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व महागठबंधन में नया घमासान शुरू हो गया है। महागठबंधन में राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किये जाने पर महागठबंधन के दो सहयोगी दलों - राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने आवाज उठायी है। 

महागठबंधन से मुकाबले से पूर्व एनडीए में अंदरूनी घमासान

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए में जबरदस्त रार मची हुई है। बिहार में एनडीए में कुल चार दल भाजपा, जदयू, लोजपा और हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) हैं।

बिहार में महागठबंधन की छोटी पार्टियों की बड़बोली माँगें

संदीप त्रिपाठी

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल पिछले चुनाव में महागठबंधन का हिस्सा बन कर लड़ने वाली जदयू के गठबंधन से निकल जाने के बाद अब शेष बड़े दल राजद और कांग्रेस इस बार ज्यादा-से-ज्यादा सीटें अपने पास रखने के पक्ष में हैं।

राजनीति

कोरोना की लड़ाई तो हम तभी हार गये थे जब…

राजीव रंजन झा : 

कोरोना की श्रृंखला तोड़ने की लड़ाई हम उसी दिन हार गये थे, जब दिल्ली में हजारों-लाखों मजदूरों की भीड़ को उत्तर प्रदेश की बस चलने के नाम पर आनंद विहार में जुटा दिया गया था।

समाचार विचार

रोहित सरदाना की मृत्यु पर कबीलाई अट्टाहास

कल से लेकर आज तक सोशल मीडिया पर रोहित सरदाना ही छाए हुए हैं। बहुत ही कम ऐसा होता है कि कोई पत्रकार मृत्यु के बाद भी लोगों के दिमाग में छाया रहे। और न केवल पक्ष में बल्कि विपक्ष में भी लोग आकर बातें करें। आम जनता इस बात से हैरान है कि आखिर रोहित सरदाना से एक वर्ग विशेष को इतनी घृणा क्यों है?

क्या बाबा रामदेव को पता नहीं था कि कोरोनिल पर बखेड़ा होगा?

राजीव रंजन झा : 

यदि बाबा रामदेव अपनी दवा का नाम कोरोना के आधार पर कोरोनिल रखने के बदले कुछ अलग रखते, इसे कोरोना की दवा कहने के बदले रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा (इम्युनिटी बूस्टर) कहते, तो इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा नहीं हुआ होता। दवा तो उनकी तब भी बिक जाती। आज के माहौल में सुपरहिट ही रहती।

कोरोना की दवा का बाबा रामदेव का दावा और फेसबुकीय योद्धाओं के प्रमाण-पत्र

राजीव रंजन झा : 

एक दवा है एचसीक्यूएस। मलेरिया के इलाज में काम आती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोल दिया कि इससे कोरोना के मरीज ठीक हो रहे हैं। भाई लोगों ने पक्ष-विपक्ष दोनों में मोर्चा खोल दिया। 

चीन से लड़ने को ललकारती आवाजों का असली मतलब क्या है?

राजीव रंजन झा : 

चीन से लड़ लोगे क्या? लड़ पाओगे क्या? बहुत ताकतवर है हमसे। 

दरअसल 1962 की हार के बाद यह भारतीय मानस में बैठ गया है कि हम पाकिस्तान को तो कभी धूल चटा सकते हैं, लेकिन चीन से पार पाना संभव नहीं है।

सावधान! गिद्धों ने नया रोहित वेमुला खोजना शुरू कर दिया है

राजीव रंजन झा : 

इस देश में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद और मार-पीट होना, हत्या तक हो जाना कोई नयी बात नहीं है। लेकिन ऐसी किसी घटना को सनसनीखेज बनाने के लिए मीडिया इसमें जाति का कोण ढूँढ़े, राजनीतिक एजेंडाबाज इसमें एक नया रोहित वेमुला या भारत का जॉर्ज फ्लॉइड तलाशने लगें, तो उन्हें गिद्ध कहना क्या किसी तरीके से गलत होगा?

तबलीगी जमात पर गर्व करें, उन्हें सलाम करें

राजीव रंजन झा : 

कनिका कपूर याद है? इसलिए पूछ रहा कि जनता की याददाश्त बहुत छोटी होने की बात कही जाती है। 

लेकिन ताजा बात है, तो कुछ-कुछ याद होगा ही। गायिका कनिका कपूर। बेबी डॉल वाली!

चुनाव

बिहार चुनाव में क्या फिर पलटी मारेंगे उपेंद्र कुशवाहा?

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व महागठबंधन में नया घमासान शुरू हो गया है। महागठबंधन में राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किये जाने पर महागठबंधन के दो सहयोगी दलों - राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने आवाज उठायी है। 

महागठबंधन से मुकाबले से पूर्व एनडीए में अंदरूनी घमासान

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए में जबरदस्त रार मची हुई है। बिहार में एनडीए में कुल चार दल भाजपा, जदयू, लोजपा और हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) हैं।

बिहार में महागठबंधन की छोटी पार्टियों की बड़बोली माँगें

संदीप त्रिपाठी

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल पिछले चुनाव में महागठबंधन का हिस्सा बन कर लड़ने वाली जदयू के गठबंधन से निकल जाने के बाद अब शेष बड़े दल राजद और कांग्रेस इस बार ज्यादा-से-ज्यादा सीटें अपने पास रखने के पक्ष में हैं।

सबरंग

काबिल, कर्मठ, ईमानदार की दुर्घटना

राजीव रंजन झा : 

एक रेस्टोरेंट के ग्राहक बड़े नाखुश थे। खाना अच्छा नहीं था। वेटरों को तमीज नहीं थी। ऑर्डर देने के बाद खाना कब टेबल पर आयेगा मालूम ही नहीं पड़ता था। खाने के बीच में दो रोटी और मंगा ली तो शायद दोपहर से शाम भी हो जाये आते-आते। पर उस इलाके में कोई और रेस्टोरेंट था नहीं, इसलिए ग्राहकों को मजबूरी में वहीं खाना पड़ता था। 

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22 hours ago

Desh Manthan

पाँच प्रदेशों के चुनावी नतीजों से कितनी बदली राजनीतिक तस्वीर? वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद जोशी से बातचीत

पाँच प्रदेशों के चुनावी नतीजों से क्या 2024 की राजनीतिक लड़ाई की भूमिका लिखी जाने लगी है? क्या अब मोदी-भाजपा विरोधी राजनीति की धुरी कोलकाता में होगी? भाजपा और कांग्रेस के लिए इन चुनावी नतीजों के मायने क्या हैं? क्या अगले साल उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी इन नतीजों की धमक महसूस होगी? देखें इन बड़े सवालों पर वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद जोशी के साथ निवेश मंथन के संपादक राजीव रंजन झा की यह बातचीत।
youtu.be/m-b0DQMjz08
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1 month ago

Desh Manthan

प्रवासी साहित्य : कथाकार तेजेंद्र शर्मा और सोनाली मिश्र की चर्चा
लंदनवासी हिंदी कथाकार तेजेंद्र शर्मा ने सोनाली मिश्र और राजीव रंजन झा के साथ इस परिचर्चा में हंस में छपी अपनी ताजा कहानी ख्वाहिशों के पैबंद पर तो बात की है, साथ ही लेखकीय आचरण और विचारधारा से संबंधित कई गहन प्रश्नों पर अपने विचार रखे हैं। वे बार-बार साहित्य के रचना-कर्म को नारेबाजी से दूर रखने की बात कह रहे हैं।
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1 month ago

Desh Manthan

असम-बंगाल चुनाव का पहला चरण : क्या हैं संकेत? विजय त्रिवेदी और प्रमोद जोशी से बातचीत
असम और बंगाल के विधान सभा चुनाव के पहले चरण में आज बंगाल की 30 विधान सभा सीटों और असम की 47 सीटों के लिए मतदान हुआ। शाम 6.47 बजे तक की खबरों के अनुसार बंगाल में 79.79% और असम में 72.30% मतदान हुआ है। पहले चरण के चुनाव से क्या संकेत मिल रहे हैं, इस बारे में देखें दो वरिष्ठ पत्रकारों - प्रमोद जोशी और विजय त्रिवेदी के साथ देश मंथन के संपादक राजीव रंजन झा की यह बातचीत।
#Assam#bengal#elections#AssemblyElections#NarendraModi#MamtaBanerjee#bjp#TMC#Congress
(लिंक नीचे टिप्पणी में है)
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1 month ago

Desh Manthan

ममता बनर्जी चुनावी मंचों से मंत्रोच्चार कर रही हैं, और तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी शेख असलम नुक्कड़ सभा में माइक पर बोल रहे हैं कि 30% मुसलमान 4 पाकिस्तान बनवा लेंगे।
दीदी, चोलबे ना, चोलबे ना, चाई ना, चाई ना।
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1 month ago

Desh Manthan

राजीव रंजन झा :
यदि आज महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग जाये, और नये सिरे से चुनाव हो जिसमें महा अघाड़ी गठबंधन के तीनों दल साथ मिल कर चुनाव लड़ें, दूसरी ओर अकेले भाजपा हो, तो नतीजा क्या होगा?
कुछ लोग कह सकते हैं कि महा अघाड़ी की इतनी बदनामी हो जाने के बाद भाजपा आसानी से जीत जायेगी।
पर शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को अपने-अपने दलों के इस चरित्र का पहले से पता नहीं है क्या? वे इसके बावजूद अपने-अपने दल को समर्थन नहीं देते रहे हैं क्या? तो अभी फिर से चुनाव होने पर वे अपने दल से क्यों छिटक जायेंगे?
और अगर इन तीनों दलों के समर्थक इकट्ठा होकर भाजपा के विरुद्ध मतदान करेंगे तो चुनाव परिणाम क्या रहेगा?
क्या महाराष्ट्र में दल-निरपेक्ष स्वतंत्र मतदाता इतने हैं, जो हर चुनाव में मुद्दों के आधार पर मतदान करते हों और बाजी को इस तरफ या उस तरफ झुका सकने की क्षमता रखते हों? अगर आपको ऐसा लगता है, तभी यह आशा करें कि वर्तमान बदनामी से मतदाताओं के बीच महा अघाड़ी का समर्थन हिल गया होगा।
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नही करेगा और इसीलिए महाराष्ट्र का पिछड़ना तय है।

Maha aghadi moo ke bal giregi ,.

Sab ka apna apna samrthak hai

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रोहित सरदाना की मृत्यु पर कबीलाई अट्टाहास

कल से लेकर आज तक सोशल मीडिया पर रोहित सरदाना ही छाए हुए हैं। बहुत ही कम ऐसा होता है कि कोई पत्रकार मृत्यु के बाद भी लोगों के दिमाग में छाया रहे। और न केवल पक्ष में बल्कि विपक्ष में भी लोग आकर बातें करें। आम जनता इस बात से हैरान है कि आखिर रोहित सरदाना से एक वर्ग विशेष को इतनी घृणा क्यों है?

बिहार चुनाव में क्या फिर पलटी मारेंगे उपेंद्र कुशवाहा?

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व महागठबंधन में नया घमासान शुरू हो गया है। महागठबंधन में राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किये जाने पर महागठबंधन के दो सहयोगी दलों - राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने आवाज उठायी है। 

महागठबंधन से मुकाबले से पूर्व एनडीए में अंदरूनी घमासान

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए में जबरदस्त रार मची हुई है। बिहार में एनडीए में कुल चार दल भाजपा, जदयू, लोजपा और हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) हैं।

बिहार में महागठबंधन की छोटी पार्टियों की बड़बोली माँगें

संदीप त्रिपाठी

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल पिछले चुनाव में महागठबंधन का हिस्सा बन कर लड़ने वाली जदयू के गठबंधन से निकल जाने के बाद अब शेष बड़े दल राजद और कांग्रेस इस बार ज्यादा-से-ज्यादा सीटें अपने पास रखने के पक्ष में हैं।

कोरोना की लड़ाई तो हम तभी हार गये थे जब…

राजीव रंजन झा : 

कोरोना की श्रृंखला तोड़ने की लड़ाई हम उसी दिन हार गये थे, जब दिल्ली में हजारों-लाखों मजदूरों की भीड़ को उत्तर प्रदेश की बस चलने के नाम पर आनंद विहार में जुटा दिया गया था।

क्या बाबा रामदेव को पता नहीं था कि कोरोनिल पर बखेड़ा होगा?

राजीव रंजन झा : 

यदि बाबा रामदेव अपनी दवा का नाम कोरोना के आधार पर कोरोनिल रखने के बदले कुछ अलग रखते, इसे कोरोना की दवा कहने के बदले रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा (इम्युनिटी बूस्टर) कहते, तो इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा नहीं हुआ होता। दवा तो उनकी तब भी बिक जाती। आज के माहौल में सुपरहिट ही रहती।

अर्थ सार

कोरोना महामारी : अंत भला तो सब भला

सुंदर अय्यर : 

कोई भी कठिन समय बहुत कष्ट देता है, लेकिन जाते-जाते कुछ सिखा भी जाता है हमें। कोरोना भी कुछ ऐसा ही कर जायेगा। हालाँकि अभी यह गया नहीं है। जानकारों की मानें तो यह अभी और दर्द देकर जायेगा। जायेगा तो है ही, आज नहीं तो कल। लॉकडाउन ही सबसे आसान तरीका है इस घड़ी से निपटने का। हो सकता है इस लॉकडाउन से ऊब भी होने लगी हो। 

थोक माफियाओं का खेल है टमाटर में तेजी

राजेश रपरिया :

दालें, तेल,  चीनी,  दूध और अंडे की बेलगाम महँगाई के साथ ही अचानक ही पिछले सात-दस दिनों में टमाटर की कीमतों की भारी उछाल आयी है।

निवेश मंथन : ग्राहक बनें

चुटकुले

गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण

दसवीं की परीक्षा में गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण करने के लिए कहा गया। एक छात्र ने उसका चरित्र चित्रण कुछ इस तरह लिखा : 

तेज दौड़ने की गति परीक्षा

पुरुषों के लिए : आप की पत्नी कितना तेज दौड़ सकती है, यह देखना है तो जोर से यह चिल्लाइये - 

दवा जो पूरे शहर में नहीं मिली

मरीज - डॉक्टर साहब, आपने पर्चे के पीछे जो दवा लिखी है, वह पूरे शहर में कहीं नहीं मिल रही है। क्या करूँ?

सुंदर लड़की का हाथ पाने के लिए

एक लड़के ने बड़ी उत्कंठा से एक साधु बाबा से पूछा - बाबा जी, किसी सुंदर लड़की का हाथ पाने के लिए क्या करना चाहिए?

इसको कहीं देखा है

एक पागल आइने  में खुद को देख कर सोचने लगा कि यार इसको कहीं देखा है।

मच्छरों की विधवाएँ

मालिक ने नौकर से कहा - मच्छर मार दो, बहुत हो गये हैं...!

विमान में घर जैसा माहौल

आदमी हवाई जहाज़ से उतरा तो दरवाजे पर खड़ी एयर होस्टेस बोली -

सुख-साधन

रिलायंस ने पेश किया सस्ता 4जी स्मार्टफोन

देश मंथन डेस्क :

रिलायंस ने लाइफ के साथ मिलकर  2,999 रुपये में 4G स्मार्टफोन बाजार में उतारा है। यह फोन आपको चार वर्जन लाइफ फ्लेम3, फ्लेम4, फ्लेम5 और फ्लेम6 के नाम से मिलेंगे।

भारत में लॉन्च हुई सबसे सस्ती बाइक

देश मंथन डेस्क :

अमेरिका की लक्जरी मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी इंडियन मोटरसाइकिल ने स्काउट 60 बाइक को भारतीय बाजार में उतारा है।

महिंद्रा (Mahindra) ने पेश की केयूवी100 (KUV100) नाम से नयी एसयूवी

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) ने अपनी एक नयी एसयूवी गाड़ी महिंद्रा केयूवी100 (Mahindra KUV100) नाम से बाजार में उतार दी है, जो 4 मीटर से कम लंबाई वाली श्रेणी में एक कॉम्पैक्ट एसयूवी है।

व्हाट्सऐप्प (Whatsapp) अब वेब पर भी उपलब्ध

लोकप्रिय मैसेजिंग सेवा व्हाट्सऐप्प का इस्तेमाल अब पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप पर भी इंटरनेट के माध्यम से किया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी

जनता के सारे भरम तोड़ डाले केजरीवाल ने

अभिरंजन कुमार :

केजरीवाल की बीमारी सिर्फ यह नहीं है कि वे खुद को छोड़ कर बाकी सबको चोर, बेईमान, भ्रष्ट मानते हैं, बल्कि उनकी बीमारी यह भी है कि वे खुद को छोड़ कर बाकी सबको मूर्ख, बेवकूफ और अनपढ़ भी मानते हैं।

आपका क्या होगा जनाबे आली

रवीश कुमार, वरिष्ठ टेलीविजन एंकर :

"मैं बिहार से आया हूँ। आप का प्रचार करने। सर किराये पर कमरा लेने गया तो पूछा किस लिए चाहिए। मैंने सही बता दिया कि अरविंद केजरीवाल का प्रचार करने आया हूँ।

वैधानिक चेतावनी : हिटलर और केजरीवाल की इन तस्वीरों में संबंध नहीं

जैसे-जैसे चुनावी सरगर्मियाँ परवान चढ़ रही हैं, वैसे-वैसे विभिन्न दलों के बीच जुबानी जंग भी तीखी होती जा रही है। लेकिन नेताओं की जुबानी जंग के बीच सामाजिक माध्यमों (सोशल मीडिया) पर लोगों की रचनात्मकता भी खूब गुल खिला रही है।

मुल्ला मुलायम और सलीम योगेंद्र यादव में फर्क क्या?

विकास मिश्रा, आजतक :

योगेंद्र यादव आम आदमी पार्टी के नेता हैं, बोलते हैं तो जुबां से मिसरी झरती है।

भाजपा

वैचारिक आत्मदैन्य से बाहर आती भाजपा

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय : 

उत्तर प्रदेश अरसे बाद एक ऐसे मुख्यमंत्री से रूबरू है, जिसे राजनीति के मैदान में बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था।

संघ का शाह के जरिये राजनीतिक शह-मात का खेल

पुण्य प्रसून बाजपेयी, कार्यकारी संपादक, आजतक : 

जिस खामोशी से अमित शाह बीजेपी हेडक्वार्टर में बतौर अध्यक्ष होकर घुसे हैं उसने पोटली और ब्रीफकेस के आसरे राजनीति करने वालो की नींद उड़ा दी है। अध्यक्ष बनने के बाद भी खामोशी और खामोशी के साथ राज्यवार बीजेपी अध्यक्षों को बदलने की कवायद अमित शाह का पहला सियासी मंत्र है।

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