Tuesday, May 24, 2022

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द कश्मीर फाइल्स : विवेक अग्निहोत्री ने उठा दी झूठ की दुकान

विवेक अग्निहोत्री की सफलता यही है कि उन्होंने विमर्श की दिशा मोड़ दी। उन्होंने बस दर्द को जस-का-तस परोस दिया, जो इतने वर्षों से झेलम नदी में कश्मीरियत की हरी काई के नीचे दबा था और अब वह दर्द बह कर नीचे उस मैदान में आ गया है, जहाँ तक आने से लिबरल जमात उसे रोक रही थी!

किसानों की आमदनी दोगुनी करने में कितना योगदान कर सकेगा बजट 2022?

क्या किसान की आमदनी 100 से बढ़ा कर 200 रुपये करने के लिए उपभोक्ता का खर्च 400 से बढ़ा कर 800 रुपये किया जाना ऐसा विकल्प है, जिसे लोग पसंद करेंगे? क्या आप तैयार हैं कि जो आटा 40 रुपये किलो खरीदते हैं, उसे 80 रुपये में खरीदने लगें और जो दाल 100 रुपये किलो खरीद रहे हैं, उसे 200 रुपये में खरीदने लगें? क्या किसानों की आमदनी दोगुनी करने का मतलब यह है कि खाद्य महँगाई भी दोगुनी हो जायेगी?

आरएसएस पर नेहरू का वह अभियान, जिसे मोदी ने पलट दिया

देश में आरएसएस पर 18 महीने तक प्रतिबंध रहा और इस दौरान नेहरू की सरकार में नियोजित तरीके से समाज में आरएसएस का दानवीकरण करने का अभियान चला। उस समय महज दो शब्द कहने से लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा चली जाती थी, सरकारी दफ्तरों में काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की नौकरी चली जाती थी, व्यापारियों पर मुकदमे हो जाते थे। वे दो शब्द थे - आरएसएस एजेंट।

सिंघु बॉर्डर : लखबीर सिंह हत्याकांड, एक चुप्पी के बीच कई प्रश्न?

एक दलित को निहंगों द्वारा मारे जाने पर सभी मौन बैठे हैं। वे विरोध नहीं कर रहे, सड़कों पर नहीं निकल रहे और न ही लखीमपुर खीरी जैसी बहसें कर रहे हैं। सिंघु बॉर्डर पर हत्या भी है और उसमें दलित भी है। और इतना ही नहीं, उसमें निर्ममता की पराकाष्ठा है।

राजनीति

जवाहरलाल नेहरू

आरएसएस पर नेहरू का वह अभियान, जिसे मोदी ने पलट दिया

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देश में आरएसएस पर 18 महीने तक प्रतिबंध रहा और इस दौरान नेहरू की सरकार में नियोजित तरीके से समाज में आरएसएस का दानवीकरण करने का अभियान चला। उस समय महज दो शब्द कहने से लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा चली जाती थी, सरकारी दफ्तरों में काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की नौकरी चली जाती थी, व्यापारियों पर मुकदमे हो जाते थे। वे दो शब्द थे - आरएसएस एजेंट।
उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार की अजब-गजब!

महाराष्ट्र में न जाने कितने किसान आत्महत्या कर चुके हैं और वहाँ की कानून व्यवस्था पर बड़े प्रश्न उठ रहे हैं। परंतु फिर भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में घटित हिंसा में मारे गये किसानों की हत्या के विरोध में अपने ही प्रदेश में बंद करवाया, और वह भी ऐसा बंद जिसमें उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आम लोगों पर हिंसा की।

समाचार विचार

द कश्मीर फाइल्स : विवेक अग्निहोत्री ने उठा दी झूठ की दुकान

विवेक अग्निहोत्री की सफलता यही है कि उन्होंने विमर्श की दिशा मोड़ दी। उन्होंने बस दर्द को जस-का-तस परोस दिया, जो इतने वर्षों से झेलम नदी में कश्मीरियत की हरी काई के नीचे दबा था और अब वह दर्द बह कर नीचे उस मैदान में आ गया है, जहाँ तक आने से लिबरल जमात उसे रोक रही थी!

किसानों की आमदनी दोगुनी करने में कितना योगदान कर सकेगा बजट 2022?

क्या किसान की आमदनी 100 से बढ़ा कर 200 रुपये करने के लिए उपभोक्ता का खर्च 400 से बढ़ा कर 800 रुपये किया जाना ऐसा विकल्प है, जिसे लोग पसंद करेंगे? क्या आप तैयार हैं कि जो आटा 40 रुपये किलो खरीदते हैं, उसे 80 रुपये में खरीदने लगें और जो दाल 100 रुपये किलो खरीद रहे हैं, उसे 200 रुपये में खरीदने लगें? क्या किसानों की आमदनी दोगुनी करने का मतलब यह है कि खाद्य महँगाई भी दोगुनी हो जायेगी?

सिंघु बॉर्डर : लखबीर सिंह हत्याकांड, एक चुप्पी के बीच कई प्रश्न?

एक दलित को निहंगों द्वारा मारे जाने पर सभी मौन बैठे हैं। वे विरोध नहीं कर रहे, सड़कों पर नहीं निकल रहे और न ही लखीमपुर खीरी जैसी बहसें कर रहे हैं। सिंघु बॉर्डर पर हत्या भी है और उसमें दलित भी है। और इतना ही नहीं, उसमें निर्ममता की पराकाष्ठा है।

एडीजे उत्तम आनंद की हत्या : ढाई माह में ढाई कदम पर अटकी जाँच

जाँच में सीबीआई की टीम वहीं अटकी हुई है, जहाँ पुलिस ने जाँच शुरू की थी। इस बीच सीबीआई ने वैज्ञानिक जाँच का सहारा लिया। रहस्य की जानकारी देने वाले को पहले पाँच लाख तथा बाद में दस लाख रुपये का ईनाम देने के इश्तेहार चिपकाये गये। झारखंड उच्च न्यायालय भी अब तक की जाँच से संतुष्ट नहीं है। अब सीबीआई की ताक-झाँक कोयलांचल के चर्चित घरानों में शुरू हुई है।

धुआँ-धुआँ बॉलीवुड एक दिन धुएँ में खो जायेगा

यह पूरा देश देख रहा है कि कैसे एक नशेड़ी को बचाने के लिए उसे बच्चा घोषित करने की होड़ लगी हुई है। क्या एक 24 साल का युवक बच्चा हो सकता है? क्या कारण है कि बॉलीवुड हमेशा ही उन लोगों के पक्ष में आ जाता है, जो आपराधिक कृत्य करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की कमला हैरिस के साथ बातचीत ही ज्यादा महत्वपूर्ण

बारीकियों वाली बातें कमला हैरिस के साथ हुई हैं। खास तौर से इसलिए, कि कमला हैरिस एक तो अपने देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति तो हैं ही, ऐसा लगता है कि संभवत: आगे जाकर कभी वे अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति भी बन सकती हैं। वे भारतीय मूल की हैं, तो और भी इन बातों का महत्व था।

चुनाव

बिहार चुनाव में क्या फिर पलटी मारेंगे उपेंद्र कुशवाहा?

कभी उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार से बड़े नेता हुआ करते थे। लेकिन वक्त ने पलटा खाया और नीतीश कुमार काफी आगे बढ़ गये और कुशवाहा फर्श पर आ गये। उपेंद्र कुशवाहा उस अतीत से बाहर नहीं निकलना चाहते।

महागठबंधन से मुकाबले से पूर्व एनडीए में अंदरूनी घमासान

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए में जबरदस्त रार मची हुई है। बिहार में एनडीए में कुल चार दल भाजपा, जदयू, लोजपा और हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) हैं।

बिहार में महागठबंधन की छोटी पार्टियों की बड़बोली माँगें

संदीप त्रिपाठी

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल पिछले चुनाव में महागठबंधन का हिस्सा बन कर लड़ने वाली जदयू के गठबंधन से निकल जाने के बाद अब शेष बड़े दल राजद और कांग्रेस इस बार ज्यादा-से-ज्यादा सीटें अपने पास रखने के पक्ष में हैं।

सबरंग

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2 months ago

Desh Manthan

योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा शपथ ले ली है। उनके नेतृत्व में दो उपमुख्यमंत्रियों, 16 कैबिनेट मंत्रियों, 14 स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों और 20 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। इसके साथ ही यह प्रश्न उठने लगे हैं कि क्या इस मंत्रिमंडल गठन में योगी की ज्यादा नहीं चली है? क्या भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने 2024 के लोक सभा चुनाव को ध्यान में रख कर इस मंत्रिमंडल गठन में पूरी भूमिका निभायी है? देखें वरिष्ठ पत्रकारों - ओमकार चौधरी और वीरेंद्र नाथ भट्ट से राजीव रंजन झा की यह बातचीत।

#up_cabinet #Yogi_Adityanath #YOGI_2.0 #yogi_cabinet #BJP
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2 months ago

Desh Manthan

देखें वरिष्ठ पत्रकारों - प्रमोद जोशी और राजेंद्र तिवारी से राजीव रंजन झा की यह बातचीत।
#Farooq_Abdullah #jagmohan #KashmiriPandits #genocide #kashmir_exodus #The_Kashmir_Files #thekashmirfiles
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2 months ago

Desh Manthan

कश्मीरी पंडितों के पलायन में कश्मीरी अलगाववादियों के अलावा वहाँ की आम अवाम की क्या भूमिका रही, इस बारे में लेखक और मनोवैज्ञानिक डॉ. रजत मित्र ने एक उपन्यास लिखा है - द इनफिडेल नेक्स्ट डोर या एक काफिर मेरा पड़ोसी। द कश्मीर फाइल्स फिल्म पर छिड़ी बहस पर उन्होंने इस पर एक ताजा लेख में भी कुछ आतंकवादियों के साक्षात्कार के हवाले से बताया है कि तब कश्मीरी पंडितों के मुसलमान पड़ोसियों ने क्या किया था। यह एक ऐसा सच है, जिसकी बहुत चर्चा नहीं हुई। क्या है यह सच, आइए, उनसे ही सुनते हैं।
#The_Kashmir_Files #thekashmirfiles #KashmiriPandits #genocide #kashmir_exodus #rajatmitra #the_infidel_next_door
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द कश्मीर फाइल्स : विवेक अग्निहोत्री ने उठा दी झूठ की दुकान

विवेक अग्निहोत्री की सफलता यही है कि उन्होंने विमर्श की दिशा मोड़ दी। उन्होंने बस दर्द को जस-का-तस परोस दिया, जो इतने वर्षों से झेलम नदी में कश्मीरियत की हरी काई के नीचे दबा था और अब वह दर्द बह कर नीचे उस मैदान में आ गया है, जहाँ तक आने से लिबरल जमात उसे रोक रही थी!

किसानों की आमदनी दोगुनी करने में कितना योगदान कर सकेगा बजट 2022?

क्या किसान की आमदनी 100 से बढ़ा कर 200 रुपये करने के लिए उपभोक्ता का खर्च 400 से बढ़ा कर 800 रुपये किया जाना ऐसा विकल्प है, जिसे लोग पसंद करेंगे? क्या आप तैयार हैं कि जो आटा 40 रुपये किलो खरीदते हैं, उसे 80 रुपये में खरीदने लगें और जो दाल 100 रुपये किलो खरीद रहे हैं, उसे 200 रुपये में खरीदने लगें? क्या किसानों की आमदनी दोगुनी करने का मतलब यह है कि खाद्य महँगाई भी दोगुनी हो जायेगी?

आरएसएस पर नेहरू का वह अभियान, जिसे मोदी ने पलट दिया

देश में आरएसएस पर 18 महीने तक प्रतिबंध रहा और इस दौरान नेहरू की सरकार में नियोजित तरीके से समाज में आरएसएस का दानवीकरण करने का अभियान चला। उस समय महज दो शब्द कहने से लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा चली जाती थी, सरकारी दफ्तरों में काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की नौकरी चली जाती थी, व्यापारियों पर मुकदमे हो जाते थे। वे दो शब्द थे - आरएसएस एजेंट।

सिंघु बॉर्डर : लखबीर सिंह हत्याकांड, एक चुप्पी के बीच कई प्रश्न?

एक दलित को निहंगों द्वारा मारे जाने पर सभी मौन बैठे हैं। वे विरोध नहीं कर रहे, सड़कों पर नहीं निकल रहे और न ही लखीमपुर खीरी जैसी बहसें कर रहे हैं। सिंघु बॉर्डर पर हत्या भी है और उसमें दलित भी है। और इतना ही नहीं, उसमें निर्ममता की पराकाष्ठा है।

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार की अजब-गजब!

महाराष्ट्र में न जाने कितने किसान आत्महत्या कर चुके हैं और वहाँ की कानून व्यवस्था पर बड़े प्रश्न उठ रहे हैं। परंतु फिर भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में घटित हिंसा में मारे गये किसानों की हत्या के विरोध में अपने ही प्रदेश में बंद करवाया, और वह भी ऐसा बंद जिसमें उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आम लोगों पर हिंसा की।

एडीजे उत्तम आनंद की हत्या : ढाई माह में ढाई कदम पर अटकी जाँच

जाँच में सीबीआई की टीम वहीं अटकी हुई है, जहाँ पुलिस ने जाँच शुरू की थी। इस बीच सीबीआई ने वैज्ञानिक जाँच का सहारा लिया। रहस्य की जानकारी देने वाले को पहले पाँच लाख तथा बाद में दस लाख रुपये का ईनाम देने के इश्तेहार चिपकाये गये। झारखंड उच्च न्यायालय भी अब तक की जाँच से संतुष्ट नहीं है। अब सीबीआई की ताक-झाँक कोयलांचल के चर्चित घरानों में शुरू हुई है।

अर्थ सार

किसानों की आमदनी दोगुनी करने में कितना योगदान कर सकेगा बजट 2022?

क्या किसान की आमदनी 100 से बढ़ा कर 200 रुपये करने के लिए उपभोक्ता का खर्च 400 से बढ़ा कर 800 रुपये किया जाना ऐसा विकल्प है, जिसे लोग पसंद करेंगे? क्या आप तैयार हैं कि जो आटा 40 रुपये किलो खरीदते हैं, उसे 80 रुपये में खरीदने लगें और जो दाल 100 रुपये किलो खरीद रहे हैं, उसे 200 रुपये में खरीदने लगें? क्या किसानों की आमदनी दोगुनी करने का मतलब यह है कि खाद्य महँगाई भी दोगुनी हो जायेगी?

चीन की सख्ती से बेदम बिटकॉइन

चीन ने अपने यहाँ क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाये हैं। अभी बुधवार 14 जुलाई को ही चीन के आनहुई प्रांत में क्रिप्टो-माइनिंग को रोकने के लिए बहुत व्यापक घोषणा की गयी है। दरअसल क्रिप्टो-माइनिंग में बिजली की खपत बहुत अधिक होती है, जिसके चलते चीन ने यह सख्ती की है।

निवेश मंथन : ग्राहक बनें

चुटकुले

गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण

दसवीं की परीक्षा में गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण करने के लिए कहा गया। एक छात्र ने उसका चरित्र चित्रण कुछ इस तरह लिखा : 

तेज दौड़ने की गति परीक्षा

पुरुषों के लिए : आप की पत्नी कितना तेज दौड़ सकती है, यह देखना है तो जोर से यह चिल्लाइये - 

दवा जो पूरे शहर में नहीं मिली

मरीज - डॉक्टर साहब, आपने पर्चे के पीछे जो दवा लिखी है, वह पूरे शहर में कहीं नहीं मिल रही है। क्या करूँ?

सुंदर लड़की का हाथ पाने के लिए

एक लड़के ने बड़ी उत्कंठा से एक साधु बाबा से पूछा - बाबा जी, किसी सुंदर लड़की का हाथ पाने के लिए क्या करना चाहिए?

इसको कहीं देखा है

एक पागल आइने  में खुद को देख कर सोचने लगा कि यार इसको कहीं देखा है।

मच्छरों की विधवाएँ

मालिक ने नौकर से कहा - मच्छर मार दो, बहुत हो गये हैं...!

विमान में घर जैसा माहौल

आदमी हवाई जहाज़ से उतरा तो दरवाजे पर खड़ी एयर होस्टेस बोली -

सुख-साधन

रिलायंस ने पेश किया सस्ता 4जी स्मार्टफोन

देश मंथन डेस्क :

रिलायंस ने लाइफ के साथ मिलकर  2,999 रुपये में 4G स्मार्टफोन बाजार में उतारा है। यह फोन आपको चार वर्जन लाइफ फ्लेम3, फ्लेम4, फ्लेम5 और फ्लेम6 के नाम से मिलेंगे।

भारत में लॉन्च हुई सबसे सस्ती बाइक

देश मंथन डेस्क :

अमेरिका की लक्जरी मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी इंडियन मोटरसाइकिल ने स्काउट 60 बाइक को भारतीय बाजार में उतारा है।

महिंद्रा (Mahindra) ने पेश की केयूवी100 (KUV100) नाम से नयी एसयूवी

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) ने अपनी एक नयी एसयूवी गाड़ी महिंद्रा केयूवी100 (Mahindra KUV100) नाम से बाजार में उतार दी है, जो 4 मीटर से कम लंबाई वाली श्रेणी में एक कॉम्पैक्ट एसयूवी है।

व्हाट्सऐप्प (Whatsapp) अब वेब पर भी उपलब्ध

लोकप्रिय मैसेजिंग सेवा व्हाट्सऐप्प का इस्तेमाल अब पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप पर भी इंटरनेट के माध्यम से किया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी

जनता के सारे भरम तोड़ डाले केजरीवाल ने

अभिरंजन कुमार :

केजरीवाल की बीमारी सिर्फ यह नहीं है कि वे खुद को छोड़ कर बाकी सबको चोर, बेईमान, भ्रष्ट मानते हैं, बल्कि उनकी बीमारी यह भी है कि वे खुद को छोड़ कर बाकी सबको मूर्ख, बेवकूफ और अनपढ़ भी मानते हैं।

आपका क्या होगा जनाबे आली

रवीश कुमार, वरिष्ठ टेलीविजन एंकर :

"मैं बिहार से आया हूँ। आप का प्रचार करने। सर किराये पर कमरा लेने गया तो पूछा किस लिए चाहिए। मैंने सही बता दिया कि अरविंद केजरीवाल का प्रचार करने आया हूँ।

वैधानिक चेतावनी : हिटलर और केजरीवाल की इन तस्वीरों में संबंध नहीं

जैसे-जैसे चुनावी सरगर्मियाँ परवान चढ़ रही हैं, वैसे-वैसे विभिन्न दलों के बीच जुबानी जंग भी तीखी होती जा रही है। लेकिन नेताओं की जुबानी जंग के बीच सामाजिक माध्यमों (सोशल मीडिया) पर लोगों की रचनात्मकता भी खूब गुल खिला रही है।

मुल्ला मुलायम और सलीम योगेंद्र यादव में फर्क क्या?

विकास मिश्रा, आजतक :

योगेंद्र यादव आम आदमी पार्टी के नेता हैं, बोलते हैं तो जुबां से मिसरी झरती है।

भाजपा

मुकुल रॉय के जाने से भाजपा के लिए सबक

पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय पार्टी छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस में वापस चले गये। कांग्रेस से निकले, तृणमूल कांग्रेस बनायी। तृणमूल कांग्रेस से निकले, भारतीय जनता पार्टी में आये। भाजपा से निकले, फिर तृणमूल कांग्रेस में चले गये। तृणमूल कांग्रेस में उनका वापस जाना क्या बताता है तृणमूल कांग्रेस के लिए, भाजपा के लिए और सामान्य तौर पर राजनीति के लिए?

वैचारिक आत्मदैन्य से बाहर आती भाजपा

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय : 

उत्तर प्रदेश अरसे बाद एक ऐसे मुख्यमंत्री से रूबरू है, जिसे राजनीति के मैदान में बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था।

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