Tuesday, September 21, 2021

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राकेश टिकैत का ढोल उनके घर में फट गया

जिन राजनीतिक दलों ने इसमें बढ़-चढ़ कर पीछे से हिस्सा लिया, पैसा दिया, खाने-पीने और आने-जाने का इंतजाम कराया, उन्हें लग रहा है कि यह सारी मेहनत बेकार गयी। यह जो सारा इंतजाम किया गया था, इसका मकसद था उत्तर प्रदेश के चुनाव को प्रभावित करना।

नीरज चोपड़ा की जीत पर लिबरल समाज दुखी क्यों हुआ?

वामपंथियों को नीरज चोपड़ा से ही इतनी नफरत क्यों हो रही है? वह इसलिए क्योंकि नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू जैसे लोग उनके वह मिथक तोड़ रहे हैं, जो वह इतने वर्षों से गढ़ते हुए आ रहे थे।

राज कुंद्रा को लेकर लिबरल समाज की उदारता के मायने

बॉलीवुड और लिबरल जमात का सुशांत सिंह राजपूत की हत्या पर मौन रहना और न्याय की मांग न करना एवं राज कुंद्रा के अपराधों पर चुप्पी साध कर अपराधों के पक्ष में खड़े हो जाना, कहीं-न-कहीं उसके आपराधिक चरित्र को ही दिखाता है। लिबरल समाज तो दिनों-दिन नीचे गिर रहा है।

फिर से चर्च में यौन स्कैंडल और फिर से चुप्पी!

हालाँकि अब निथिराविलाई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हो गया है और आरोपी जेल में है। यह ठीक है कि मामला दर्ज हो गया है, पर प्रगतिशीलों की वाल पर शांति है। मंदिर के भक्त की किसी गलत हरकत पर मंदिर को कोसने वाली प्रगतिशील जमात पादरी के ही सेक्स स्कैंडल में पकडे जाने पर चुप है, कोई हल्ला नहीं है।

राजनीति

मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत

राकेश टिकैत का ढोल उनके घर में फट गया

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जिन राजनीतिक दलों ने इसमें बढ़-चढ़ कर पीछे से हिस्सा लिया, पैसा दिया, खाने-पीने और आने-जाने का इंतजाम कराया, उन्हें लग रहा है कि यह सारी मेहनत बेकार गयी। यह जो सारा इंतजाम किया गया था, इसका मकसद था उत्तर प्रदेश के चुनाव को प्रभावित करना।
Amit Shah with Mukul Roy

मुकुल रॉय के जाने से भाजपा के लिए सबक

पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय पार्टी छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस में वापस चले गये। कांग्रेस से निकले, तृणमूल कांग्रेस बनायी। तृणमूल कांग्रेस से निकले, भारतीय जनता पार्टी में आये। भाजपा से निकले, फिर तृणमूल कांग्रेस में चले गये। तृणमूल कांग्रेस में उनका वापस जाना क्या बताता है तृणमूल कांग्रेस के लिए, भाजपा के लिए और सामान्य तौर पर राजनीति के लिए?

समाचार विचार

नीरज चोपड़ा की जीत पर लिबरल समाज दुखी क्यों हुआ?

वामपंथियों को नीरज चोपड़ा से ही इतनी नफरत क्यों हो रही है? वह इसलिए क्योंकि नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू जैसे लोग उनके वह मिथक तोड़ रहे हैं, जो वह इतने वर्षों से गढ़ते हुए आ रहे थे।

फिर से चर्च में यौन स्कैंडल और फिर से चुप्पी!

हालाँकि अब निथिराविलाई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हो गया है और आरोपी जेल में है। यह ठीक है कि मामला दर्ज हो गया है, पर प्रगतिशीलों की वाल पर शांति है। मंदिर के भक्त की किसी गलत हरकत पर मंदिर को कोसने वाली प्रगतिशील जमात पादरी के ही सेक्स स्कैंडल में पकडे जाने पर चुप है, कोई हल्ला नहीं है।

भारत का कानून न मानने की औपनिवेशिक जिद

कार्ल रॉक एक विदेशी है, जो टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। उसने हरियाणा में शायद एक राजनीतिक परिवार में शादी की है। वह यहाँ वीडियो बना कर यूट्यूब पर डाल करके पैसे भी कमा रहा है। पर वह एक और काम कर रहा था। वह भारत की चुनी हुई सरकार का विरोध कर रहा था।

मनसुख मांडविया की अंग्रेजी का उपहास करती गुलाम मानसिकता

औपनिवेशिक मानसिकता उन लोगों की है, जो केवल अंग्रेजी भाषा की जानकारी को ही ज्ञान का पर्याय मानते हैं। वे दरअसल ईसाई मानसिकता से बाहर नहीं आ पाये हैं, स्वतंत्र नहीं हो पाये हैं। वे इस बात को स्वीकार कर ही नहीं पाये हैं कि देशज भाषा भी शासन का पर्याय हो सकती है।

हिस्से में माँ आयी तो फिर जायदाद विवाद कैसा?

पहले “माँ” शब्द को बेचने वाले मुनव्वर राना अब नागरिकता संशोधन के दौरान लखनऊ में बेटियों द्वारा किये गए विरोध के पीछे खड़े हैं। वे कह रहे हैं कि पुलिस उन्हें इसलिए फँसा रही है, क्योंकि उनकी बेटियों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन किया था। अभी तबरेज फरार है और मुनव्वर राना के भाई इस बात का शुक्र मना रहे हैं कि सच का पता चला, नहीं तो वे सब फंस जाते।

झूठ के सहारे हिंदुओं को असहिष्णु दिखाने की कोशिश

देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की घटनाओं की खबर आती है और उसमें जोड़ दिया जाता है बाद में कि इस कारण से घटना हुई। उस घटना का जय श्रीराम के नारे से कोई संबंध नहीं होता, लेकिन जोड़ा जाता है। कांग्रेस से लेकर तमाम विपक्षी दल इस तरह की राजनीति को बढ़ावा देना चाहते हैं, इस तरह के मुद्दे या विचार को खड़ा करना चाहते हैं। तो षड़यंत्र क्या है? षड़यंत्र दो तरह के हैं।

चुनाव

बिहार चुनाव में क्या फिर पलटी मारेंगे उपेंद्र कुशवाहा?

कभी उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार से बड़े नेता हुआ करते थे। लेकिन वक्त ने पलटा खाया और नीतीश कुमार काफी आगे बढ़ गये और कुशवाहा फर्श पर आ गये। उपेंद्र कुशवाहा उस अतीत से बाहर नहीं निकलना चाहते।

महागठबंधन से मुकाबले से पूर्व एनडीए में अंदरूनी घमासान

संदीप त्रिपाठी : 

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए में जबरदस्त रार मची हुई है। बिहार में एनडीए में कुल चार दल भाजपा, जदयू, लोजपा और हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) हैं।

बिहार में महागठबंधन की छोटी पार्टियों की बड़बोली माँगें

संदीप त्रिपाठी

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल पिछले चुनाव में महागठबंधन का हिस्सा बन कर लड़ने वाली जदयू के गठबंधन से निकल जाने के बाद अब शेष बड़े दल राजद और कांग्रेस इस बार ज्यादा-से-ज्यादा सीटें अपने पास रखने के पक्ष में हैं।

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1 day ago

Desh Manthan

पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी लागू क्यों नहीं? जीएसटी परिषद में किस-किस ने विरोध किया?
अक्सर यह माँग उठायी जाती है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाये, ताकि इन पर कर (टैक्स) का बोझ घटे और लोगों को ये सस्ते दाम पर मिल सकें। शुक्रवार, 17 सितंबर 2021 को लखनऊ में जीएसटी परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव लाया भी गया, तो केरल उच्च न्यायालय के आदेश पर। लेकिन यह प्रस्ताव गिर गया। इस बारे में राजनीति बहुत होती रही है। इसलिए आपको यह जानना बहुत जरूरी है कि किस-किस के विरोध के चलते यह प्रस्ताव गिरा। निवेश मंथन के संपादक राजीव रंजन झा आपको बता रहे हैं उन लोगों के बारे में, जो चाहते हैं कि पेट्रोल-डीजल सस्ता न हो!
youtu.be/iozp7oSVBng
#crudeoil #petrol #diesel #PetroleumPrices
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6 days ago

Desh Manthan

किसान आंदोलन पंजाब में नहीं हो, तो दिल्ली-हरियाणा में क्यों हो?

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने होशियारपुर में किसानों से खुल कर कहा है कि यदि उन्हें आंदोलन और प्रदर्शन करना है तो पंजाब की बजाय दिल्ली और हरियाणा में जायें। अगर किसान आंदोलन से पंजाब में आर्थिक नुकसान हो रहा है, तो क्या दिल्ली और हरियाणा को नुकसान नहीं हो रहा है? क्या कैप्टन के इस वक्तव्य से राज्यों के बीच तनाव नहीं बढ़ेगा? इस बीच एनएचआरसी ने केंद्र सरकार के अलावा दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर किसान आंदोलन पर रिपोर्ट माँगी है। एनएचआरसी के इस नोटिस से क्या स्थिति बदलेगी? देखें इन विशेष मुद्दों पर वरिष्ठ पत्रकार ओंकार चौधरी और कृषि विशेषज्ञ विजय सरदाना के साथ राजीव रंजन झा की यह बातचीत।
youtu.be/ZLkuhMX7EKI
#FarmersProtest #CaptainAmarinderSingh #Punjab #haryana #delhi #SupremeCourt #NHRC
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6 days ago

Desh Manthan

कौन हैं भूपेंद्र पटेल, कैसे मिली गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी?

मोदी-शाह की जोड़ी ने एक बार फिर सबके अनुमानों पर पानी फेर दिया। भूपेंद्र पटेल गुजरात के नये मुख्यमंत्री बनाये गये, जिनके नाम की दूर-दूर तक कोई चर्चा भी नहीं थी। कौन हैं भूपेंद्र पटेल, क्या हैं उनकी ऐसी विशेषताएँ, जिनके चलते उन्हें राज्य में भाजपा को चुनावी वैतरणी पार कराने के योग्य समझा गया है? यदि पटेल मुख्यमंत्री बनाना ही भाजपा की चुनावी मजबूरी थी, तो नितिन पटेल की दावेदारी क्यों नकार दी गयी? देखें दो वरिष्ठ पत्रकारों - प्रमोद जोशी और मधुरेंद्र सिन्हा से राजीव रंजन झा की यह बातचीत।
youtu.be/IYL_9wenZrI
#Gujarat #NarendraModi #AmitShah #BhupendraPatel #NitinbhaiPatel
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1 week ago

Desh Manthan

गुजरात में विजय रूपानी के हाथ से क्यों फिसली मुख्यमंत्री की कुर्सी?
क्या भाजपा ने गुजरात विधानसभा चुनाव से करीब साल भर पहले विजय रूपानी को मुख्यमंत्री पद से हटा कर राज्य में अपनी सरकार की विफलता स्वीकार कर ली है? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को गुजरात की चुनावी डगर कठिन दिखाई दे रही है? क्या राज्य में एक पटेल मुख्यमंत्री बनाना अब भाजपा की चुनावी मजबूरी है? देखें दो वरिष्ठ पत्रकारों - प्रदीप सिंह और मधुरेंद्र सिन्हा से राजीव रंजन झा की यह बातचीत अभी 12 बजे से देश मंथन पर।
#Gujarat #NarendraModi #AmitShah #VijayRupani #NitinbhaiPatel
youtu.be/AMYu9LVnpFo
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4 weeks ago

Desh Manthan

क्या राहुल-प्रियंका ने पाकिस्तान-परस्तों के हवाले कर दी पंजाब कांग्रेस?
देखें दो वरिष्ठ पत्रकारों - प्रमोद जोशी और ओंकार चौधरी से राजीव रंजन झा की यह बातचीत।
youtu.be/ly2z6uAbQ28
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राकेश टिकैत का ढोल उनके घर में फट गया

जिन राजनीतिक दलों ने इसमें बढ़-चढ़ कर पीछे से हिस्सा लिया, पैसा दिया, खाने-पीने और आने-जाने का इंतजाम कराया, उन्हें लग रहा है कि यह सारी मेहनत बेकार गयी। यह जो सारा इंतजाम किया गया था, इसका मकसद था उत्तर प्रदेश के चुनाव को प्रभावित करना।

नीरज चोपड़ा की जीत पर लिबरल समाज दुखी क्यों हुआ?

वामपंथियों को नीरज चोपड़ा से ही इतनी नफरत क्यों हो रही है? वह इसलिए क्योंकि नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू जैसे लोग उनके वह मिथक तोड़ रहे हैं, जो वह इतने वर्षों से गढ़ते हुए आ रहे थे।

राज कुंद्रा को लेकर लिबरल समाज की उदारता के मायने

बॉलीवुड और लिबरल जमात का सुशांत सिंह राजपूत की हत्या पर मौन रहना और न्याय की मांग न करना एवं राज कुंद्रा के अपराधों पर चुप्पी साध कर अपराधों के पक्ष में खड़े हो जाना, कहीं-न-कहीं उसके आपराधिक चरित्र को ही दिखाता है। लिबरल समाज तो दिनों-दिन नीचे गिर रहा है।

फिर से चर्च में यौन स्कैंडल और फिर से चुप्पी!

हालाँकि अब निथिराविलाई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हो गया है और आरोपी जेल में है। यह ठीक है कि मामला दर्ज हो गया है, पर प्रगतिशीलों की वाल पर शांति है। मंदिर के भक्त की किसी गलत हरकत पर मंदिर को कोसने वाली प्रगतिशील जमात पादरी के ही सेक्स स्कैंडल में पकडे जाने पर चुप है, कोई हल्ला नहीं है।

चीन की सख्ती से बेदम बिटकॉइन

चीन ने अपने यहाँ क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाये हैं। अभी बुधवार 14 जुलाई को ही चीन के आनहुई प्रांत में क्रिप्टो-माइनिंग को रोकने के लिए बहुत व्यापक घोषणा की गयी है। दरअसल क्रिप्टो-माइनिंग में बिजली की खपत बहुत अधिक होती है, जिसके चलते चीन ने यह सख्ती की है।

भारत का कानून न मानने की औपनिवेशिक जिद

कार्ल रॉक एक विदेशी है, जो टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। उसने हरियाणा में शायद एक राजनीतिक परिवार में शादी की है। वह यहाँ वीडियो बना कर यूट्यूब पर डाल करके पैसे भी कमा रहा है। पर वह एक और काम कर रहा था। वह भारत की चुनी हुई सरकार का विरोध कर रहा था।

अर्थ सार

चीन की सख्ती से बेदम बिटकॉइन

चीन ने अपने यहाँ क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाये हैं। अभी बुधवार 14 जुलाई को ही चीन के आनहुई प्रांत में क्रिप्टो-माइनिंग को रोकने के लिए बहुत व्यापक घोषणा की गयी है। दरअसल क्रिप्टो-माइनिंग में बिजली की खपत बहुत अधिक होती है, जिसके चलते चीन ने यह सख्ती की है।

कोरोना महामारी : अंत भला तो सब भला

सुंदर अय्यर : 

कोई भी कठिन समय बहुत कष्ट देता है, लेकिन जाते-जाते कुछ सिखा भी जाता है हमें। कोरोना भी कुछ ऐसा ही कर जायेगा। हालाँकि अभी यह गया नहीं है। जानकारों की मानें तो यह अभी और दर्द देकर जायेगा। जायेगा तो है ही, आज नहीं तो कल। लॉकडाउन ही सबसे आसान तरीका है इस घड़ी से निपटने का। हो सकता है इस लॉकडाउन से ऊब भी होने लगी हो। 

निवेश मंथन : ग्राहक बनें

चुटकुले

गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण

दसवीं की परीक्षा में गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण करने के लिए कहा गया। एक छात्र ने उसका चरित्र चित्रण कुछ इस तरह लिखा : 

तेज दौड़ने की गति परीक्षा

पुरुषों के लिए : आप की पत्नी कितना तेज दौड़ सकती है, यह देखना है तो जोर से यह चिल्लाइये - 

दवा जो पूरे शहर में नहीं मिली

मरीज - डॉक्टर साहब, आपने पर्चे के पीछे जो दवा लिखी है, वह पूरे शहर में कहीं नहीं मिल रही है। क्या करूँ?

सुंदर लड़की का हाथ पाने के लिए

एक लड़के ने बड़ी उत्कंठा से एक साधु बाबा से पूछा - बाबा जी, किसी सुंदर लड़की का हाथ पाने के लिए क्या करना चाहिए?

इसको कहीं देखा है

एक पागल आइने  में खुद को देख कर सोचने लगा कि यार इसको कहीं देखा है।

मच्छरों की विधवाएँ

मालिक ने नौकर से कहा - मच्छर मार दो, बहुत हो गये हैं...!

विमान में घर जैसा माहौल

आदमी हवाई जहाज़ से उतरा तो दरवाजे पर खड़ी एयर होस्टेस बोली -

सुख-साधन

रिलायंस ने पेश किया सस्ता 4जी स्मार्टफोन

देश मंथन डेस्क :

रिलायंस ने लाइफ के साथ मिलकर  2,999 रुपये में 4G स्मार्टफोन बाजार में उतारा है। यह फोन आपको चार वर्जन लाइफ फ्लेम3, फ्लेम4, फ्लेम5 और फ्लेम6 के नाम से मिलेंगे।

भारत में लॉन्च हुई सबसे सस्ती बाइक

देश मंथन डेस्क :

अमेरिका की लक्जरी मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी इंडियन मोटरसाइकिल ने स्काउट 60 बाइक को भारतीय बाजार में उतारा है।

महिंद्रा (Mahindra) ने पेश की केयूवी100 (KUV100) नाम से नयी एसयूवी

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) ने अपनी एक नयी एसयूवी गाड़ी महिंद्रा केयूवी100 (Mahindra KUV100) नाम से बाजार में उतार दी है, जो 4 मीटर से कम लंबाई वाली श्रेणी में एक कॉम्पैक्ट एसयूवी है।

व्हाट्सऐप्प (Whatsapp) अब वेब पर भी उपलब्ध

लोकप्रिय मैसेजिंग सेवा व्हाट्सऐप्प का इस्तेमाल अब पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप पर भी इंटरनेट के माध्यम से किया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी

जनता के सारे भरम तोड़ डाले केजरीवाल ने

अभिरंजन कुमार :

केजरीवाल की बीमारी सिर्फ यह नहीं है कि वे खुद को छोड़ कर बाकी सबको चोर, बेईमान, भ्रष्ट मानते हैं, बल्कि उनकी बीमारी यह भी है कि वे खुद को छोड़ कर बाकी सबको मूर्ख, बेवकूफ और अनपढ़ भी मानते हैं।

आपका क्या होगा जनाबे आली

रवीश कुमार, वरिष्ठ टेलीविजन एंकर :

"मैं बिहार से आया हूँ। आप का प्रचार करने। सर किराये पर कमरा लेने गया तो पूछा किस लिए चाहिए। मैंने सही बता दिया कि अरविंद केजरीवाल का प्रचार करने आया हूँ।

वैधानिक चेतावनी : हिटलर और केजरीवाल की इन तस्वीरों में संबंध नहीं

जैसे-जैसे चुनावी सरगर्मियाँ परवान चढ़ रही हैं, वैसे-वैसे विभिन्न दलों के बीच जुबानी जंग भी तीखी होती जा रही है। लेकिन नेताओं की जुबानी जंग के बीच सामाजिक माध्यमों (सोशल मीडिया) पर लोगों की रचनात्मकता भी खूब गुल खिला रही है।

मुल्ला मुलायम और सलीम योगेंद्र यादव में फर्क क्या?

विकास मिश्रा, आजतक :

योगेंद्र यादव आम आदमी पार्टी के नेता हैं, बोलते हैं तो जुबां से मिसरी झरती है।

भाजपा

मुकुल रॉय के जाने से भाजपा के लिए सबक

पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय पार्टी छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस में वापस चले गये। कांग्रेस से निकले, तृणमूल कांग्रेस बनायी। तृणमूल कांग्रेस से निकले, भारतीय जनता पार्टी में आये। भाजपा से निकले, फिर तृणमूल कांग्रेस में चले गये। तृणमूल कांग्रेस में उनका वापस जाना क्या बताता है तृणमूल कांग्रेस के लिए, भाजपा के लिए और सामान्य तौर पर राजनीति के लिए?

वैचारिक आत्मदैन्य से बाहर आती भाजपा

संजय द्विवेदी, अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय : 

उत्तर प्रदेश अरसे बाद एक ऐसे मुख्यमंत्री से रूबरू है, जिसे राजनीति के मैदान में बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था।

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