नरेश सोनी, सहायक कार्यकारी संपादक, न्यूज वर्ल्ड इंडिया : 

फिल्म पद्मावत देखी, यकीन मानिए, हाल के सालों में मुझे एक भी ऐसी फिल्म याद नहीं जिसने राजपूत शौर्य की गाथा का इतना अच्छा बखान किया हो। पहले दृश्य से लेकर आखिर तक दो चीजें लगातार आपके जहन में बनी रहती है -

पहली, तो राजपूतों की वीरता, युद्ध के कठिन क्षणों में भी नीति सम्मत, धर्म के पथ पर उनका बना रहना, और अपने दुश्मन के सामने अपना सर कभी न झुकने देना भले ही उसके लिए जान देनी पड़े।

और दूसरे, एक दरिंदे का पागलपन, जो अपनी जीत और हवस के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकता है। जिसके शब्दकोश में नीति और धर्म है ही नहीं, जो सत्ता के लिए अपने चाचा का कत्ल करता है, अपनी बीवी को कारागार में बंद करता है, जो भरोसे के काबिल नहीं, जो इंसानी जिस्म में एक जानवर है, यानी अलाउद्दीन खिलजी।

सिर्फ कोई राजपूत ही नहीं, हर भारतीय, इस फिल्म के हर दृश्य में खुद को गौरवान्वित महसूस करेगा, कि इस देश में रानी पद्मिनी जैसी वीरांगना ने जन्म लिया, जिसने साबित किया कि राजपूती कंगन में भी उतनी ही ताकत है, जितनी कि राजपूती तलवार में... राजा रावल रतन सिंह जो अपने सिद्धांतों और राजधर्म के लिए कभी नीति और धर्म से नहीं डिगा, भले ही उसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ी... और गोरा-बादल जिसने अपनी देशभक्ति और राजपूती शान के लिए अपनी जान का बलिदान दिया, और खास तौर पर गोरा सिंह, जिसका सर कटने के बाद भी उसकी तलवार चलती रही।

जिस तरह शिवाजी सिर्फ मराठों के नहीं है, महात्मा गांधी सिर्फ बनियों के नहीं है, सरदार पटेल सिर्फ पटेलों के नहीं है, वैसे ही रानी पद्मिनी सिर्फ राजपूतों की नहीं हैं, वे हमारी देश की साझा विरासत हैं, वे हर भारतीय की हैं। जो लोग उनका नाम लेकर लोगों को बाँट रहे हैं, उनकी असली नीयत को समझिए।

करणी सेना जिस तरह उत्पात मचा रही है, वह रानी पद्मिनी से ज्यादा खिलजी से ज्यादा प्रभावित दिखती है, उसके रास्तों पर ही चलती प्रतीत होती है। जो लोग रानी पद्मिनी और रावल रतन सिंह को अपना पूर्वज मानें, वे ऐसा उत्पात नहीं मचा सकते।

जहाँ तक फिल्म निर्माण की बात है, भंसाली ने ऐसी फिल्म बनायी हैं जिसे शायद आने वाली पीढ़ियाँ भी बार-बार देखना चाहेंगी। सभी किरदारों ने शानदार काम किया है, बेहद संयमित चेहरे मगर कमाल की अदाकारी। इस फिल्म की सबसे बड़ी जीत यही है कि फिल्म देखने के बाद आपको सिर्फ रानी पद्मिनी ही नहीं, बल्कि राजा रावल रतन सिंह, अलाउद्दीन खिलजी, गोरा सिंह, बादल सिंह, मेहरुन्निसां, खिलजी का 'खास सेवक' मलिक कफूर तक सब याद रह जाते हैं।

(देश मंथन, 23 जनवरी 2018)

Leave a comment

रवीश कुमार, वरिष्ठ टेलीविजन एंकर : "लालू जिंदा हो गया है। सब बोलते थे कि लालू खत्म हो गया। देखो ...

रवीश कुमार, वरिष्ठ टेलीविजन एंकर : "एक बार आप माउंट एवरेस्ट पर पहुँच जाते हैं तो उसके बाद उतरने ...

पुण्य प्रसून बाजपेयी, कार्यकारी संपादक, आजतक : 'भागवत कथा' के नायक मोदी यूँ ही नहीं बने। क्या ...

डॉ वेद प्रताप वैदिक, राजनीतिक विश्लेषक : चार राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा की वैसी दुर्गति ...

उमाशंकर सिंह, एसोसिएट एडिटर, एनडीटीवी प्रधानमंत्री ने आज ही सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की ...

क़मर वहीद नक़वी, वरिष्ठ पत्रकार : सुना है, सरकार काला धन ढूँढ रही है। उम्मीद रखिए! एक न एक दिन ...

क़मर वहीद नक़वी, वरिष्ठ पत्रकार : तो झाड़ू अब ‘लेटेस्ट’ फैशन है! बड़े-बड़े लोग एक अदना-सी झाड़ू के ...

क़मर वहीद नक़वी, वरिष्ठ पत्रकार : राजनीति से इतिहास बनता है! लेकिन जरूरी नहीं कि इतिहास से राजनीति ...

पुण्य प्रसून बाजपेयी, कार्यकारी संपादक, आजतक : सोने का पिंजरा बनाने के विकास मॉडल को सलाम .. एक ...

रवीश कुमार, वरिष्ठ टेलीविजन एंकर : आखिर कौन नहीं चाहता था कि कांग्रेस हारे। सीएजी रिपोर्ट और ...

अभिरंजन कुमार : बनारस में भारत माता के दो सच्चे सपूतों नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल के बीच ...

देश मंथन डेस्क यह महज संयोग है या नरेंद्र मोदी और उनकी टीम का सोचा-समझा प्रचार, कहना मुश्किल है। ...

पुण्य प्रसून बाजपेयी, कार्यकारी संपादक, आजतक : 1952 में मौलाना अब्दुल कलाम आजाद को जब नेहरु ने ...

देश मंथन डेस्क : कांग्रेस की डिजिटल टीम ने चुनाव प्रचार के लिए अब ईमेल का सहारा लिया है, हालाँकि ...

दीपक शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार : कांग्रेस, सपा, बसपा, जेडीयू, आप... सभी मुस्लिम वोट बैंक की लड़ाई लड़ ...

रवीश कुमार, वरिष्ठ टेलीविजन एंकर : बनारस इस चुनाव का मनोरंजन केंद्र बन गया है। बनारस से ऐसा क्या ...

रवीश कुमार, वरिष्ठ टेलीविजन एंकर : जिसने भी बनारस के चुनाव को अपनी आँखों से नहीं देखा उसने इस ...

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक : राजा ने सभी दरबारियों को एक-एक बिल्ली और एक-एक गाय दी। सबसे कहा कि ...

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार : मुगल बादशाह औरंगजेब ऐसा शासक रहा है, जिसका इतिहास में ...

विद्युत प्रकाश :  देश भर में सुबह के नास्ते का अलग अलग रिवाज है। जब आप झारखंड के शहरों में ...

संजय सिन्हा, संपादक, आजतक : मैं कभी सोते हुए बच्चे को चुम्मा नहीं लेता। मुझे पता है कि सोते हुए ...

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :  रेलवे स्टीमर के अलावा पटना और पहलेजा घाट के बीच लोगों के ...

विद्युत प्रकाश मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार :  भेंट द्वारका नगरी द्वारका से 35 किलोमीटर आगे है। यहाँ ...

आलोक पुराणिक, व्यंग्यकार : अमेरिका के अखबार वाल स्ट्रीट जनरल ने रॉबर्ट वाड्रा की जमीन की बात की ...

लोकप्रिय मैसेजिंग सेवा व्हाट्सऐप्प का इस्तेमाल अब पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप पर भी इंटरनेट के माध्यम ...

सोनी (Sony) ने एक्सपीरिया (Xperia) श्रेणी में नया स्मार्टफोन बाजार में पेश किया है।

लावा (Lava) ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन पेश किया है।

      लेनोवो (Lenovo) ने एस सीरीज में नया स्मार्टफोन पेश किया है। 

इंटेक्स (Intex) ने बाजार में नया स्मार्टफोन पेश किया है।

स्पाइस (Spice) ने स्टेलर (Stellar) सीरीज के तहत बाजार में अपना नया स्मार्टफोन पेश किया है।

जोलो ने अपना नया स्मार्टफोन पेश किया है। जोलो क्यू 1011 स्मार्टफोन मं 5 इंच की आईपीएस स्क्रीन लगी ...

एचटीसी ने भारतीय बाजार में दो नये स्मार्टफोन पेश किये हैं। कंपनी ने डिजायर 616 और एचटीसी वन ई8 ...